उत्तर- नमाज़ छोड़ना कुफ़्र है, नबी -उनपर अल्लाह की दया एवं शांति हो- ने फ़रमाया:
"हमारे और उन (काफिरों) के बीच अंतर केवल नमाज़ का है, इसलिए जिस व्यक्ति ने उसे छोड़ दिया उसने कुफ्र किया''।
इस हदीस को इमाम अहमद और तिरमिज़ी आदि ने रिवायत किया है।
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